| उखाड़ फेको इस मैं को | ||||||||||||
| इस मैं में बहुत बुराई है. २ | ||||||||||||
| मैं में सिर्फ मैं हू | ||||||||||||
ना कोई बहन ना भाई है
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| इस मैं में बहुत बुराई है इस मैं में बहुत बुराई है |
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| मैं की कहानी ऐसी है | ||||||||||||
| उबलते पानी जैसी है मैं | ||||||||||||
| कड़कते धूप जैसी है मैं | ||||||||||||
दहकते आग जैसी है मैं
काजल से भी काली है मैं पाप से भी भारी है मैं भ्रष्टाचार की कहानी है मैं अफसरों का राजदुलारी है मैं
किसानो के लिए इक मेहमान है मैं इंसानियत के लिए इक अभिमान है मैं
मैं की सृष्टी में मै ही भगवान है मैं के शासन में मै ही सरकार है मैं ही साक्षी है और मैं ही साकार है
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| कौन बच सका है इस मैं से इस मैं में बहुत बुराई है इस मैं में बहुत बुराई है
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शनिवार, 14 सितंबर 2013
मैं
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